{"product_id":"sant-samagam-1733","title":"Sant Samagam - 1733","description":"\u003cp dir=\"ltr\"\u003eगीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित पुस्तक \u003cb\u003e'संत समागम' (कोड-1733)\u003c\/b\u003e परम श्रद्धेय ब्रह्मलीन स्वामी रामसुखदास जी महाराज के उन अमूल्य आध्यात्मिक विचारों, लेखों और प्रश्नोत्तरों का एक अत्यंत पवित्र संग्रह है, जो उनके सशरीर रहते समय सामने नहीं आ सके थे। इस पुस्तक में स्वामी जी द्वारा लिखे गए कुछ ऐसे विशिष्ट लेख शामिल हैं जो पूर्व में 'कल्याण' मासिक पत्रिका में प्रकाशित हुए थे, साथ ही इसमें साधकों की विभिन्न शंकाओं का समाधान करने वाले महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर भी संकलित हैं। यह लघु ग्रंथ आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने वाले जिज्ञासुओं और साधकों के लिए एक अनमोल मार्गदर्शिका है, क्योंकि इसमें मानव कल्याण और परमार्थ से जुड़े कई अत्यंत गूढ़ (गहरे) विषयों का बहुत ही सरल व सुबोध भाषा में उद्घाटन किया गया है। चूँकि यह स्वामी जी की अनुपस्थिति में प्रकाशित हुई है, इसलिए प्रकाशक ने पाठकों से इसके गहरे भावों को समझने के लिए स्वामी जी की अन्य पुस्तकों के अध्ययन की भी प्रेरणा दी है और साधकों से इस अनमोल पुस्तक का पूरे मनोयोग के साथ अध्ययन कर लाभ उठाने का आग्रह किया है।\u003c\/p\u003e","brand":"Gita Press","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49785585303794,"sku":null,"price":15.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0752\/0652\/5170\/files\/rn-image_picker_lib_temp_9b972fd0-f599-4594-93ba-e5442c0d7ed6.png?v=1783513968","url":"https:\/\/golokstore.com\/products\/sant-samagam-1733","provider":"GOLOK STORE","version":"1.0","type":"link"}