Gita Press
Balakon Ke Kartavya-287
Balakon Ke Kartavya-287
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"बालकों के कर्तव्य" एक प्रेरणादायक पुस्तिका है, जिसमें ब्रह्मलीन श्रद्धेय श्री जयदयाल जी गोयन्दका के दो प्रभावशाली निबंधों का संकलन है। इन निबंधों में भारतीय संस्कृति के अनुरूप बच्चों के जीवन को शुद्ध, समुन्नत और सुखी बनाने वाले कर्तव्यों का सुंदर एवं शास्त्रीय विवेचन किया गया है। आज के समय में जब अनुशासनहीनता और उच्छृंखलता बढ़ रही है, यह पुस्तिका बच्चों और अभिभावकों के लिए एक अमूल्य मार्गदर्शिका है।
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भारतीय संस्कृति का पालन: पुस्तिका में बच्चों को भारतीय संस्कृति और संस्कारों के अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा दी गई है।
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नैतिक शिक्षा: सत्य, ईमानदारी, सम्मान, और कर्तव्यपालन जैसे नैतिक मूल्यों की महिमा पर प्रकाश डाला गया है।
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आध्यात्मिक दृष्टिकोण: बच्चों को आध्यात्मिक दृष्टिकोण से जीवन जीने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान किया गया है।
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साधारण भाषा में प्रस्तुति: सामान्य बच्चों के समझने योग्य सरल और स्पष्ट भाषा में विषयों का प्रस्तुतिकरण किया गया है।यह पुस्तिका बच्चों, अभिभावकों, और शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। यह बच्चों को उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करती है और उन्हें एक आदर्श नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करती है।
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