Gita Press
Madhur - 343
Madhur - 343
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"मधुर" (कोड 343) गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित एक अत्यंत सुंदर और भावपूर्ण काव्य-रचनाओं का संग्रह है, जिसे श्रद्धेय भाईजी श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार जी ने लिखा है। इस पुस्तक में भगवान श्री कृष्ण, उनकी अभिन्न शक्ति श्री राधा और गोपिकाओं के दिव्य प्रेममय संवादों का 72 झाँकियों के रूप में चित्रण किया गया है। प्रत्येक झाँकी में श्री कृष्ण के प्रेम और राधाजी की भक्ति की गहराई को काव्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो पाठकों के हृदय को छूने वाली है। यह पुस्तक विशेष रूप से उन भक्तों के लिए है जो श्री राधा-कृष्ण के प्रेममय संवादों में रुचि रखते हैं और उनकी भक्ति में लीन होना चाहते हैं। गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को भक्ति के उच्चतम स्तर की ओर मार्गदर्शन करना है
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