Gita Vatika
Maharasayan (Gita Vatika)
Maharasayan (Gita Vatika)
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यह पुस्तक 'महारसायन', जो प्रख्यात संत ठाकुर सीतारामदास ओंकारनाथ के लेखों का संग्रह है, मूल रूप से प्रतिष्ठित पत्रिका 'कल्याण' में प्रकाशित हुई थी, जिसके संपादक पूज्य भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार थे। पुस्तक का परिचय 'संत वाणी' के महत्व पर ज़ोर देता है, यह बताता है कि संतों के वचन अज्ञान के अंधकार में पड़ी मानव-जाति को प्रकाश में लाने वाली एक अनमोल और दिव्य ज्योति हैं। ये वचन दु:ख-संकट और पाप-ताप से पीड़ित प्राणियों के लिए शांति-शक्ति का सागर हैं, जो प्रबल मोह की नदी में बहते जीवों के उद्धार के लिए एक मज़बूत जहाज़ का कार्य करते हैं। लेखक के लेख बड़ी सरल भाषा में लिखे गए हैं, फिर भी वे शास्त्रीयज्ञान से ओत-प्रोत और हृदयग्राही हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य जीवात्माओं को सहजता से भगवान के तत्व-स्वरूप का ज्ञान और परमानन्द प्रदान करना है।
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