Gita Press
Sadhak Sanjivani (Set of Khand-1 &2, Hindi Tika, Mota Type) - 2376 & 2377
Sadhak Sanjivani (Set of Khand-1 &2, Hindi Tika, Mota Type) - 2376 & 2377
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गीताप्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित 'श्रीमद्भगवद्गीता साधक-संजीवनी' (पुस्तक कोड: 2376 एवं 2377) परम श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज द्वारा रचित गीता की एक अत्यंत विलक्षण, विस्तृत और व्यावहारिक व्याख्या है। दो खण्डों के इस सेट में प्रथम खण्ड (कोड: 2376) में अध्याय 1 से 9 तक तथा द्वितीय खण्ड (कोड: 2377) में अध्याय 10 से 18 तक का समावेश है। यह संस्करण बड़े एवं मोटे अक्षरों (मोटा टाईप) में मुद्रित है, जिससे वरिष्ठ पाठकों एवं स्वाध्याय-प्रेमियों के लिए इसका पठन अत्यंत सुगम हो जाता है।
इस ग्रंथ की प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग के गूढ़ रहस्यों को साधकों के दैनिक जीवन और व्यावहारिक साधना के अनुरूप अत्यंत सरल भाषा में समझाया गया है। मूल श्लोक, पदच्छेद, अन्वय, शब्दार्थ, विस्तृत हिन्दी टीका और उपयोगी परिशिष्ट से युक्त यह दो-खण्डों का सेट गीता के गंभीर अध्येताओं तथा आध्यात्मिक साधकों के लिए एक अमूल्य और संग्रहणीय ग्रंथ है।
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